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सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है?
बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने में मां को बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ सहना पड़ता है। लेकिन, बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद à¤à¥€ मां का दरà¥à¤¦ कम नहीं होता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ के साथ मां को कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। जिसमें से डिलिवरी के बाद होने वाले पेट का दरà¥à¤¦ à¤à¥€ à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है। इसे आफà¥à¤Ÿà¤° पेन (After Pain) à¤à¥€ कहते हैं। इसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में Nuring Cramp à¤à¥€ कहते हैं। इसका अरà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में मरोड़ उठने से है। नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बाद होता है। इस संबंध में वाराणसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ चंदà¥à¤°à¤¾ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² की सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति विशेषजà¥à¤ž डॉ. कà¥à¤¸à¥à¤® चंदà¥à¤°à¤¾ ने हैलो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बताया कि नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ है? इससे कैसे निजात पा सकती हैं?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ या नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª होने का कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?
ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ डिलिवरी के दौरान पेट में मरोड़ को बढ़ाता है। यह हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ डिलिवरी के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ को वापस पहले के आकार में लाने का काम करता है। जिसके कारण नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª होता है। वहीं, सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ का कारण ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होना है। इसलिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में मां को नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª होता है।“
कितने दिनों तक होता है सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं को नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª यानी कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ होता है। यूं तो ये बहà¥à¤¤ कम होता है। सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª डिलिवरी के बाद 24 से लेकर 48 घंटे तक होता है। धीरे-धीरे दो से तीन दिन में नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª खतà¥à¤® हो जाता है। डिलिवरी के दो-तीन महीने के बाद तक हलà¥à¤•ा-फà¥à¤²à¥à¤•ा नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª होता है, फिर बिलà¥à¤•à¥à¤² ठीक हो जाता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ का इलाज कà¥à¤¯à¤¾ है?
वह जब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने जाà¤à¤‚ तबपेट में दरà¥à¤¦ (Urine) कर के जाà¤à¤‚। अगर महिला का मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ (Urine Bladder) खाली रहेगा तो नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª नहीं होता है। मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¤°à¥‡ होने से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ होने का कारण मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को उसकी जगह से हटाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना है जिससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में मरोड़ पैदा होता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ के वजह से महिलाओं को डिलिवरी के बाद होने वाला रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ (Bleeding) अधिक होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। इसके अलावा नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª के दौरान आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ लेटकर बिलà¥à¤•à¥à¤² ना कराà¤à¤‚। नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª से राहत पाने के लिठआप अपने दोनों पैरों को आगे के तरफ मोड़ कर बैठें और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚। इससे आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ को राहत मिलेगी।“
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ से महिलाओं को परेशान होना चाहिà¤?
डिलिवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद होने वाले नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª से अकà¥à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ परेशान हो जाती हैं। इसलिठअगर आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ होता है आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° को à¤à¤• बार जरूर बताà¤à¤‚। डॉकà¥à¤Ÿà¤° जांच करने के बाद बताà¤à¤—ा कि ये नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª है या कोई अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है। अगर नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª à¤à¤• दो महीने में ना ठीक हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚। परेशान होने के बजाठधैरà¥à¤¯ से काम लें।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठले सकती हैं मदद
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ और मां को सà¥à¤¤à¤¨ से लेकर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक कई तरह के दरà¥à¤¦ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। अगर आप चाहें तो डिलिवरी के पहले और बाद में लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ कंसà¥à¤²à¤Ÿà¥‡à¤‚ट से संपरà¥à¤• कर सकती हैं। इसके अलावा अगर आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ या नà¥à¤¯à¥‚रिंग कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª हो तो आप घर में किसी परिजन की मदद à¤à¥€ ले सकती हैं।
ये तो बात हो गई सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ की, अब बात करते हैं सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है और उसका इलाज कैसे किया जा सकता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं?
निपà¥à¤ªà¤² में दरारें आने से हो सकता है सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मसूड़ों के दबाव से निपà¥à¤ªà¤² में दरारें आ जाती हैं। जो कि दरà¥à¤¦ à¤à¤°à¤¾ होता है। अगर मां ने धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया तो यह आगे चल कर घाव बन जाता है। जिससे मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा रहता है। इसके लिठमां को डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिल कर कà¥à¤°à¥ˆà¤• निपà¥à¤ªà¤² का इलाज कराना चाहिà¤à¥¤
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ से à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ हो सकता है
कà¥à¤› महिलाओं को डिलीवरी के बाद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में दूध बनता है। इसलिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान जब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध निकलता है, तो सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ महसूस होता है। à¤à¤¸à¥€ मां को बचà¥à¤šà¥‡ को लगातार थोड़े-थोड़े समय पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराते रहना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से दरà¥à¤¦ से धीरे-धीरे राहत मिल जाती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• होने पर आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पंप के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दूध को निकाल कर संगà¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ à¤à¥€ कर सकती हैं। लेकिन, दूध सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤œ के à¤à¥€ अपने कà¥à¤› नियम होते हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन होने के कारण à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो सकता है
डिलिवरी के बाद नवजात शिशॠकाफी कम मातà¥à¤°à¤¾ में दूध पीता है। जिससे मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध à¤à¤° जाता है। साथ ही सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ à¤à¥€ बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन आ जाती है और सà¥à¤¤à¤¨ में जगह-जगह गांठमहसूस होने लगती है। जिससे मां को दरà¥à¤¦ होता है। डॉ. कà¥à¤¸à¥à¤® चंदà¥à¤°à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध का à¤à¤°à¤¾ होना सामानà¥à¤¯ बात है। ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तब à¤à¥€ आती है जब मां बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने में कोताही बरतती है। इसलिठà¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से बचने के लिठमां को हर दो घंटे के अंतराल पर शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराते रहना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से सूजन के कारण होने वाले दरà¥à¤¦ को आराम होगा ।
कैसे पाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ से राहत पाने के घरेलू उपाय
गोà¤à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में आई सूजन को कम करते हैं और दरà¥à¤¦ से à¤à¥€ राहत दिलाते हैं। सबसे पहले गोà¤à¥€ को ठंडे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर रख दें। उसके दो पतà¥à¤¤à¥‡ लें और सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के ऊपर रख कर टाइट कपड़े पहन लें, ताकि पतà¥à¤¤à¥‡ अपनी जगह से खिसक न सकें। पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को 20 मिनट तक सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर लगा रहने दें। उसके बाद अगर आप चाहेंं तो उन पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को बदल कर नठपतà¥à¤¤à¥‡ à¤à¥€ लगा सकती हैं। या फिर आप इस तरीके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² रात को सोते समय à¤à¥€ कर सकती हैं।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦ होने पर थोड़ी-सी मातà¥à¤°à¤¾ में नारियल तेल या जैतून का तेल लें। उसे हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® करें और फिर इससे अपने सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की 15 मिनट तक मसाज करें। इससे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में आई सूजन कम होगी। दरà¥à¤¦ à¤à¥€ दूर होगा और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ à¤à¥€ बढ़ेगा।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦ होने पर किसी बरà¥à¤¤à¤¨ में गरà¥à¤® पानी लें। उसमें कॉटन का कपड़ा à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚। अब कपड़े को पानी से बाहर निकाले और उससे पानी निचोड़ लें। इस कपड़े को अब अपने सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर रखें। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपको दरà¥à¤¦ से राहत मिलेगी।
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